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- हम एक हैं -

अपडेट करने की तारीख: 12 जून 2025



हम एक हैं
हम एक हैं

जब चाँद एक है

तो दिल दो क्यों है?


जब मंजिल एक है

तो रास्तें दो क्यों हैं?


जब ख़्वाब एक है

तोह हकीकत दो क्यों है?


जब जान एक है

तो जिस्म दो क्यों है?


जब रिश्ता एक है

तोह घर दो क्यों है?


जब नज़र एक है

तो नजरिये दो क्यों है?


जब प्यार बेशुमार है

तो फिर फासले इतने क्यों हैं?


जब सफ़र एक है

तो मेरे बगल वाली सीट खाली क्यों है?


खैर,

इस क़यामत की रात, बहुत सवाल है तुमसे पर फिर, शब्द इतने कम क्यों है?

 
 
 

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