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- जताना -


जताना
जताना

सोचता हूँ, कम करदूं जताना।


ये हर रोज़ का ख़्वाब देखना और वो सारे तुमको सुनाना।


ये बात बात पे तुम्हारी याद करना और याद करते ही, तुरंत तुम्हें बता देना।


बातों बातों में इश्क़ बयान कर देना।


सब पता है मुझको, कि अपना ख्याल है तुम्हें

फिर भी।

अपना ख्याल रखा कि नहीं रखा, पूछ लेना।


लगता भी है मुझको, की

कहीं

कभी ज़्यादा ना पूछलू । ज़्यादा ना जता दूं।

कुछ ज़्यादा ना मांग लू।


पर,

जब इश्क इतना ज़्यादा सा, और जिंदगी बस इतनी सी

तो फिर कैसे, कम करदूं जताना।

 
 
 

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