- किधर मिलु ? -
- safedkhwaab
- 29 मई 2025
- 1 मिनट पठन
अपडेट करने की तारीख: 11 जून 2025

किधर मिलु मैं तुम्हें?
जिंदगी आ जाए
तो जीने में मिलु ।
जीना आ जाए
तो सब कुछ खोने पे मिलु।
खोना आ जाए
तो भीड में मिलु।
नींद आ जाए
तो ख्वाब में मिलु।
होश आ जाए
तो नशे में मिलु।
नशा हो जाए
हर जगह फिर मैं मिलु।
मौत आ जाए
तो जन्नत में मिलु।
हकीकत हो जाए
तो बाहो में मिलु।
अच्छा तो फिर,
तुम्हें मैं किधर मिलु?



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